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Wipro Share Price: इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) सर्विस विप्रो के शेयर गुरुवार (17 अप्रैल) को शुरूआती कारोबार में 6 फीसदी से ज्यादा टूट गए। आईटी दिग्गज के शेयरों में यह गिरावट जनवरी-मार्च 2024-25 तिमाही के नतीजे जारी करने के बाद आया। विप्रो ने बुधवार को बाजार बंद होने के बाद फाइनेंशियल रिजल्ट का ऐलान किया।
कंपनी ने बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 (Q4FY25) की चौथी तिमाही में नेट प्रॉफिट 25.9% बढ़कर ₹3,569.6 करोड़ हो गया। यह पिछले साल इसी तिमाही में मुनाफा ₹2,834.6 करोड़ था। हालांकि, मुनाफा दर्ज करने के बाद विप्रो के शेयरों में गिरावट आई है। इसकी वजह कमजोर रेवेन्यू ग्रोथ और भविष्य को लेकर दिए गए सुस्त संकेत है।
ब्रोकरेज फर्म नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने विप्रो पर अपनी रेटिंग को ‘BUY’ से डाउनग्रेड कर ‘HOLD‘ कर दिया है। ब्रोकरेज ने स्टॉक पर टारगेट प्राइस भी 300 रुपये से घटाकर 260 रुपये कर दिया है। इस तरह स्टॉक आगे चलकर 5% का अपसाइड दिखा सकता है। विप्रो के शेयर बुधवार (16 अप्रैल) को 248 रुपये पर बंद हुए।
ब्रोकरेज एंटिक ब्रोकिंग ने टैरिफ और मैक्रो चुनौतियों के बीच शार्ट टर्म में सुस्त आउटलुक का हवाला देते हुए स्टॉक पर अपनी रेटिंग को ‘BUY‘ पर बरकरार रखा है। हालांकि, ब्रोकरेज ने विप्रो पर टारगेट प्राइस को 300 रुपये से घटाकर 275 रुपये कर दिया है। ऐसे में स्टॉक भविष्य में 11% का अपसाइड दे सकता है।
सेंट्रम ब्रोकिंग ने कमजोर रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस को देखते हुए विप्रो पर अपनी रेटिंग ‘REDUCE‘ पर मैंटेन की है। वहीं, टारगेट प्राइस को 291 रुपये से घटाकर 250 रुपये कर दिया है।
मोतीलाल ओसवाल ने टैरिफ और मैक्रो अनिश्चितता के कारण पहली तिमाही में खराब गाइडेंस को देखते हुए विप्रो पर ‘SELL‘ रेटिंग को बरकरार रखा है। वहीं, टारगेट प्राइस 215 रुपये रखा है।
विप्रो का शेयर अपने हाई से 24% से नीचे चल रहा है। स्टॉक का 52 वीक हाई 324.55 रुपये और लो 208.40 रुपये है। एक महीने में शेयर लगभग 10% टूटा है। तीन महीने में शेयर में 16.68% की गिरावट आई है। जबकि छह महीने में शेयर 11.18% गिरा है। एक साल में स्टॉक का परफॉर्मेंस लगभग सपाट रहा है जबकि दो साल में 29.89% का रिटर्न दिया है। बीएसई पर कंपनी का मार्केट कैप 2,46,203 करोड़ रुपये है।
विप्रो का मुनाफा मार्च 2025 में खत्म हुई चौथी तिमाही (Q4 FY25) में सालाना आधार पर 25.9% बढ़कर ₹3,569.6 करोड़ हो गया है। यह पिछले साल इसी तिमाही में मुनाफा ₹2,834.6 करोड़ था। इस तिमाही में विप्रो की कुल कमाई यानी ऑपरेशंस से आया रेवेन्यू 1.3% बढ़कर ₹22,504.2 करोड़ हो गया है, जो पिछले साल ₹22,208.3 करोड़ था। कंपनी के कुल खर्चों में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ और यह ₹18,978.6 करोड़ रहा।
पूरे वित्त वर्ष 2024-25 (FY25) में विप्रो का शुद्ध मुनाफा ₹13,135.4 करोड़ रहा, जो FY24 में ₹11,045.2 करोड़ था। हालांकि, कंपनी की सालाना कमाई थोड़ी घटी — FY24 में ₹89,760.3 करोड़ की तुलना में FY25 में ₹89,088.4 करोड़ रही।
(डिस्क्लेमर: यहां शेयर में खरीदारी\बेचने की सलाह ब्रोक्रेजीज ने दी है। बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेश संबंधी फैसला करने से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।
First Published – April 17, 2025 | 11:58 AM IST
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