Mutual Fund Alert! ओवरनाइट और लिक्विड फंड से पैसे निकालने का समय बदला, निवेशकों पर कैसे होगा असर – sebi revises cut off timing for overnight mutual funds how its impact investors

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Mutual Fund Alert: बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने ओवरनाइट और लिक्विड म्युचुअल फंड स्कीम्स (overnight and liquid mutual fund) में रिडेम्पशन के लिए लागू होने वाले नेट एसेट वैल्यू (NAV) निर्धारित करने की कट-ऑफ टाइमिंग में बदलाव की घोषणा की है। यह नया नियम 1 जून, 2025 से लागू होगा। SEBI का यह कदम ब्रोकर्स और क्लियरिंग मेंबर्स के पास रखे गए निवेशकों के फंड की सुरक्षा को और मजबूत करने के चल रहे प्रयासों से जुड़ा हुआ है।

आखिर क्या बदलेगा?

पहले म्युचुअल फंड हाउस सभी चैनलों के लिए एक समान कट-ऑफ टाइम के आधार पर NAV लागू करते थे। अब SEBI ने ओवरनाइट स्कीम्स में ऑनलाइन और ऑफलाइन रिडेम्पशन रिक्वेस्ट के लिए अलग-अलग कट-ऑफ टाइमिंग लागू कर दी है। रिवाइज टाइम-टेबल इस प्रकार है:

ऑफलाइन या फिजिकल मोड

  • अगर रिडेम्पशन रिक्वेस्ट दोपहर 3:00 बजे से पहले दी जाती है, तो निवेशक को अगले कारोबारी दिन से एक दिन पहले की क्लोजिंग NAV मिलेगी।
  • अगर रिक्वेस्ट दोपहर 3:00 बजे के बाद दी जाती है, तो निवेशक को अगले कारोबारी दिन की NAV मिलेगी।

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ऑनलाइन मोड (केवल ओवरनाइट फंड्स के लिए):

  • निवेशकों को उसी दिन की NAV पाने के लिए शाम 7:00 बजे तक का समय मिलेगा।
  • शाम 7:00 बजे के बाद की गई रिक्वेस्ट पर अगले कारोबारी दिन की NAV लागू होगी।

SEBI ने अपने सर्कुलर में बताया कि “कारोबारी दिन” से आशय उन दिनों से है जब मनी मार्केट खुले और उपलब्ध हों। जब मनी मार्केट बंद रहते हैं या उपलब्ध नहीं होते, तो उन्हें कारोबारी दिन नहीं माना जाएगा।

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निवेशकों पर कैसे होगा असर?

अगर आप ओवरनाइट या लिक्विड फंड्स से पैसा निकालना चाहते हैं, तो अब समय पर ध्यान देना और जरूरी हो गया है। ऑनलाइन निवेशकों को ज्यादा लचीलापन मिलेगा, क्योंकि उन्हें शाम 7 बजे तक का समय मिलेगा। वहीं, ऑफलाइन मोड से निवेश करने वालों को दोपहर 3 बजे तक ही रिक्वेस्ट देनी होगी, वरना NAV अगले कारोबारी दिन की लागू होगी। अगर आप कट-ऑफ टाइम के बाद रिक्वेस्ट भेजते हैं, तो अगले दिन की NAV लागू होगी। इससे आपके रिटर्न पर असर पड़ सकता है।


First Published – April 25, 2025 | 12:37 PM IST



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