सतर्क परिदृश्य से हैवेल्स इंडिया पर रहेगा दबाव – pressure will be on havels india due to vigilant scenario

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तेजी के बाजार में देश की सबसे बड़ी सूचीबद्ध कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल ऐंड ड्यूरेबल कंपनी हैवेल्स इंडिया का शेयर बुधवार को 3 फीसदी नरम रहा। चौथी तिमाही के वित्तीय आंकड़े हालांकि मजबूत रहे और कंपनी ने राजस्व व परिचालन मुनाफे के मामले में अनुमान को पीछे छोड़ा, लेकिन यह शेयर बीएसई 100 इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरने वाला शेयर रहा। शेयर के लिए नकारात्मक भावना कूलिंग उपकरणों के दृष्टिकोण को लेकर प्रबंधन की सतर्क टिप्पणी से थी। शेयर पर ब्रोकरेजों का मिला जुला दृष्टिकोण है। कुछ ने अपने आय अनुमानों में कटौती की है जबकि अन्य ने इसे थोड़ा बढ़ा दिया है।

चौथी तिमाही में समूचा प्रदर्शन शानदार रहा हालांकि कुछ जगह फिसड्डी भी रहा। पावर केबल की अगुआई में केबल और वायर (सीऐंडडब्ल्यू) कारोबार में 21.2 फीसदी की वृद्धि और कम आधार के कारण लॉयड व्यवसाय में 39.5 फीसदी की उछाल की बदौलत कंपनी ने वित्त वर्ष 25 की चौथी तिमाही में पिछले साल की इसी तिमाही की तुलना में 20 फीसदी की अच्छी वृद्धि दर्ज की। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, स्विचगियर और लाइटिंग जैसे अन्य सेगमेंट ने निराश किया और उन्होंने क्रमशः 9.4 फीसदी, 6.2 फीसदी और 0.5 फीसदी की वृद्धि दर्ज की।
मार्जिन की बात करें तो सकल मार्जिन में सालाना आधार पर 70 आधार अंकों की गिरावट आई, लेकिन इसकी भरपाई कर्मचारी और विज्ञापन व्यय में कमी से हुई। इसके साथ ज्यादा परिचालन क्षमता से कंपनी ने परिचालन लाभ में 20 फीसदी की वृद्धि दर्ज की जबकि उसने परिचालन लाभ मार्जिन को 11.6 फीसदी पर बरकरार रखा।

कंपनी ने संकेत दिया है कि उच्च मुद्रास्फीति के कारण उपभोक्ताओं का मनोबल अभी सुस्त है। हालांकि लॉयड की बिक्री अच्छी रही और सेगमेंट मार्जिन 350 आधार अंकों की बढ़त के साथ 6.2 फीसदी हो गया। लेकिन रूम एयर कंडीशनर सेगमेंट की मांग (मार्च और अप्रैल में) हल्की गर्मी के कारण कमजोर रही, खासकर दक्षिण भारत में। इससे जून तिमाही में बिक्री प्रभावित हो सकती है, हालांकि कंपनी को सुधार की उम्मीद है। कंपनी लॉयड कारोबार में लाभप्रदता में सुधार के साथ-साथ बाजार हिस्सेदारी में वृद्धि पर भी नजर रख रही है।

स्विचगियर्स सेगमेंट में सालाना आधार पर 6 फीसदी और क्रमिक आधार पर 20 फीसदी की वृद्धि देखी गई जिसमें आवासीय स्विचगियर्स कारोबार ने सेगमेंट की बिक्री में 75 फीसदी का योगदान किया जबकि बाकी औद्योगिक स्विचगियर्स से आया। तिमाही में वृद्धि आवासीय सेगमेंट में उत्पाद पोर्टफोलियो के विस्तार, परियोजना व्यवसाय और मझोले और छोटे शहरों में बाजार हिस्सेदारी में वृद्धि के कारण हुई। हालांकि तिमाही में मार्जिन में योगदान 230 आधार घटकर 37.9 फीसदी रह गया, लेकिन कंपनी ने आगे चलकर मार्जिन में 38-40 फीसदी के योगदान का अनुमान जताया है।

नुवामा रिसर्च के अचल लोहाडे की अगुआई में विश्लेषकों ने स्विचगियर्स और लॉयड में बेहतर मार्जिन को ध्यान में रखते हुए वित्त वर्ष 26-27 के आय अनुमानों में 4-5 फीसदी का इजाफा किया है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि हाल में सरकार के कदमों (कर बचत और अनुकूल नकदी परिदृश्य) से मांग फिर से बढ़ने में मदद मिलेगी।

वायर और केबल कारोबार के लिए मांग परिदृश्य मजबूत बना हुआ है और तुमकुर में कंपनी का नया संयंत्र शुरू होने से मझोले और छोटे बाजारों में बाजार हिस्सेदारी हासिल कर रही है। हालांकि, नोमूरा रिसर्च ने इस कारोबार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा को देखते हुए अपने मूल्य-आय अनुपात को 50 गुना से घटाकर 48 गुना कर दिया है। कटौती के बावजूद, ब्रोकरेज के सिद्धार्थ बेरा और कपिल सिंह का मानना है कि हैवेल्स के विविध व्यावसायिक मिश्रण और वित्त वर्ष 25-27 की अवधि में प्रति शेयर 26 फीसदी की मजबूत आय वृद्धि को देखते हुए शेयर का मूल्यांकन प्रीमियम ऐतिहासिक ट्रेडिंग दायरे के 40-60 गुना के मध्य बिंदु के आसपास बना रहेगा।

निकट भविष्य के परिदृश्य और महंगे मूल्यांकन को देखते हुए, कोटक रिसर्च ने वित्त वर्ष 2026-27 के आय अनुमानों में 3-4 फीसदी की कटौती की है और अपने उचित मूल्य को संशोधित कर 1,400 रुपये कर दिया है। उसने राजस्व में बदलाव किया है (पहली तिमाही में कूलिंग उपकरणों के लिए कमजोर परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए) और मार्जिन अनुमानों में 20-30 आधार अंकों की कटौती की है।


First Published – April 23, 2025 | 10:35 PM IST



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