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नई दिल्ली, 12 जनवरी (आईएएनएस)। अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने कहा है कि वह आज जो कुछ भी हैं भगवान के आशीर्वाद से हैं जिन्होंने उनका हर काम में मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा कि पैसा और दूसरी व्यक्तिगत जरूरतें उनके लिए उतना मायने नहीं रखती हैं।गुजरात के अहमदाबाद में इस्कॉन के गवर्निंग बॉडी कमिशन के अध्यक्ष गुरु प्रसाद स्वामी महाराज के साथ बातचीत के दौरान गौतम अदाणी ने कहा, “मैं एक बहुत ही साधारण परिवार से संबंध रखता हूं। हम जिस भी मुकाम पर पहुंच जाएं, कभी-कभी जब मैं अपनी आंखें बंद करता हूं, तो मुझे हमेशा लगता है कि मैं अपनी योग्यता के कारण यहां नहीं पहुंचा हूं। मैं जो भी कर रहा हूं मेरा भगवान यह सुनिश्चित कर रहा है कि मैं वह कर रहा हूं इसलिए, पैसा और आपकी व्यक्तिगत क्षमता की जरूरत की दूसरी चीजें बहुत ही मामूली हैं।”
अंतर्राष्ट्रीय कृष्ण चेतना सोसायटी (इस्कॉन) और अदाणी समूह ने प्रयागराज में सोमवार से शुरू हो रहे महाकुंभ मेले में भक्तों के लिए भोजन की व्यवस्था के लिए हाथ मिलाया है। महाप्रसाद सेवा 13 जनवरी से 26 फरवरी तक महाकुंभ मेले की पूरी अवधि के दौरान दी जाएगी।
अदाणी समूह के चेयरमैन ने कहा कि उनका समूह हमेशा समाज की मदद के लिए आगे आएगा। उन्होंने स्वामी महाराज को बताया, “हम आपकी मदद से समाज की मदद करने के लिए आप पर निर्भर रहेंगे…। यह हमारे लिए भी वास्तव में सौभाग्य और सम्मान की बात होगी। आपके पास लाखों लोगों तक पहुंच वाला एक अद्भुत संगठन और वितरण प्रणाली है।”
इस्कॉन के गवर्निंग बॉडी कमिशन के अध्यक्ष गुरु प्रसाद स्वामी महाराज और अदाणी समूह के अध्यक्ष गौतम अदाणी ने इस्कॉन के लिए आपसी सम्मान की भावना व्यक्त की और उसकी प्रशंसा की।
स्वामी महाराज ने ‘शास्त्रों’ में वर्णित जीवन, ऊर्जा, धन और वचन से भगवान की सेवा करने के महत्व पर जोर दिया।
गौतम अदाणी ने इस्कॉन के साथ अपने गहरे जुड़ाव को व्यक्त किया और महाकुंभ 2025 के दौरान प्रसादम प्रदान करने की क्षमता के लिए संस्था की प्रशंसा की।
बाद में उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “कुंभ सेवा की वो तपोभूमि है जहां हर हाथ स्वतः ही परमार्थ में जुट जाता है! यह मेरा सौभाग्य है कि महाकुंभ में हम इस्कॉन के साथ मिलकर श्रद्धालुओं के लिए ‘महाप्रसाद सेवा’ आरम्भ कर रहे हैं, जिसमें मां अन्नपूर्णा के आशीर्वाद से लाखों लोगों को निःशुल्क भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।”
गौतम अदाणी ने कहा कि उन्हें इस्कॉन के गुरु प्रसाद स्वामी जी से मिलकर सेवा के प्रति समर्पण की शक्ति को गहराई से अनुभव करने का अवसर प्राप्त हुआ।
उन्होंने कहा, “सच्चे अर्थों में सेवा ही राष्ट्रभक्ति का सर्वोच्च स्वरूप है। सेवा साधना है, सेवा प्रार्थना है और सेवा ही परमात्मा है।”
अदाणी समूह ने गीता प्रेस के साथ भी सहयोग किया है जिसके तहत ‘आरती संग्रह’ की एक करोड़ प्रतियां निःशुल्क प्रदान की जाएंगी।
गौतम अदाणी ने एक्स पर एक अन्य पोस्ट में लिखा, “महाकुंभ भारतीय संस्कृति और धार्मिक आस्था का महायज्ञ है! यह हमारे लिए अपार संतुष्टि का विषय है कि इस महायज्ञ में प्रतिष्ठित संस्थान गीता प्रेस के सहयोग से हम ‘आरती संग्रह’ की एक करोड़ प्रतियां कुंभ में आए श्रद्धालुओं की सेवा में निःशुल्क अर्पित कर रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि सनातन साहित्य के माध्यम से 100 वर्षों से राष्ट्र की सेवा कर रहे गीता प्रेस के सम्मानित पदाधिकारियों से मिलकर उन्हें प्रेरणा प्राप्त हुई और गीता प्रेस के उत्कृष्ट सेवा कार्यों के प्रति आभार व्यक्त करने का सौभाग्य मिला। नि:स्वार्थ सेवा भाव और धर्म एवं संस्कृति के प्रति उत्तरदायित्व की भावना राष्ट्रप्रेम का ही एक रूप है, जिसके लिए हम सभी प्रतिबद्ध हैं।
–आईएएनएस
एकेजे/
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