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आंकड़ों से पता चला है कि बाजार में हाल की तेजी में मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों ने अपने लार्जकैप प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया। यह तब है जब बाजारों को भारत और पाकिस्तान के बीच ताजा भूराजनीतिक तनाव से जूझना पड़ रहा है। टैरिफ के डर के कारण निफ्टी-50 सूचकांक 7 अप्रैल, 2025 के 21,744 के स्तर तक गिर गया था जो 28 अप्रैल यानी तीन हफ्ते में करीब 12 प्रतिशत (24,328 के स्तर) चढ़ गया है। एसीई इक्विटी के आंकड़ों से पता चलता है कि निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 सूचकांकों में इस दौरान 16 प्रतिशत और 18.4 फीसदी से अधिक की तेजी आई।
विश्लेषकों के अनुसार बाजार में तेजी अमेरिकी राष्ट्रपति के भारी भरकम टैरिफ को लागू करने में देरी की वजह से आई। हाल में पहलगाम में नागरिकों की हत्या के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच पैदा हुए भूराजनीतिक तनाव को भी बाजार ने गंभीरता से लिया है।
स्वतंत्र बाजार विश्लेषक अंबरीश बालिगा का कहना है कि मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंटों ने जवाबी शुल्क पर स्थिति स्पष्ट होने के बाद से अच्छा प्रदर्शन शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि आमतौर पर बाजार की तेजी में मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट हमेशा बेहतर प्रदर्शन करते हैं क्योंकि उन्हें रिटेल निवेशक ज्यादा पसंद करते हैं।
बालिगा का मानना है, ‘भारत और पाकिस्तान के बीच भूराजनीतिक तनाव की वजह से अल्पावधि से मध्यावधि में बाजार में लगातार ज्यादा तेजी के आसार नहीं दिखते हैं। हालांकि ट्रंप के टैरिफ का डर अब पीछे छूट गया है, लेकिन बाजारों पर भूराजनीतिक चिंताओं का बुरा असर दिखना बाकी है। हालात के हिसाब से निवेशकों को तेजी में बिकवाली करनी चाहिए, लेकिन अपने पोर्टफोलियो को पूरी तरह खाली नहीं करना चाहिए। उनके लिए फिलहाल नकदी हाथ में रखना जरूरी है।’
अच्छी तेजी वाले शेयर
एसीई इक्विटी के आंकड़ों से पता चलता है कि एनएसई पर मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंटों में कुछ खास शेयरों, डिक्सन टेक्नोलॉजीज, वारी एनर्जीज, डेटा पैटर्न्स, गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया, देवयानी इंटरनैशनल, एयू स्मॉल फाइनैंस बैंक और केफिन टेक्नोलॉजीज में इस दौरान 20 फीसदी से ज्यादा तेजी आई।
इक्विनॉमिक्स रिसर्च के संस्थापक और शोध प्रमुख जी चोक्कालिंगम के अनुसार भारतीय शेयर बाजार में अल्पावधि में सुधार बरकरार रहेगा। उन्होंने निवेशकों को जोखिम कम करने के लिए घरेलू मांग से चलने वाले शेयरों पर ध्यान देने का सुझाव दिया है।
उन्होंने कहा, ‘ज्यादा सतर्क निवेशक 50 प्रतिशत निवेश लार्जकैप (टॉप-100) शेयरों में रख सकते हैं, क्योंकि बाजार में दबाव की किसी भी संभावित स्थिति में घरेलू संस्थान लार्जकैप शेयरों पर ध्यान केंद्रित करना जारी रखेंगे। जो लोग जोखिम उठाने में सक्षम हैं, वे संभावित संपत्ति सृजन के लिए घरेलू मांग पर ध्यान देते हुए गुणवत्ता वाले स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों में 60 से 70 प्रतिशत निवेश कर सकते हैं।’
ऐंजल वन में शोध प्रमुख (टेक्नीकल एवं डेरिवेटिव) समीत चव्हाण ने कहा कि तकनीकी मोर्चे पर, निफ्टी ने चार्ट पर मजबूत तेजी की पुष्टि की है क्योंकि यह फरवरी-मार्च के ऊंचे स्तर को पार कर गया है। अग भू-राजनीतिक तनाव बढ़ता है या निफ्टी का 23,900 – 23,800 का समर्थन टूट जाता है, तो 23,500-23,300 के स्तर की ओर बड़ी गिरावट की आशंका है।
First Published – April 28, 2025 | 11:22 PM IST
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