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देश की सबसे बड़ी यात्री वाहन निर्माता मारुति सुजूकी इंडिया के लिए वित्त वर्ष 2025 की जनवरी-मार्च तिमाही के वित्तीय परिणाम मिले-जुले रहे। कंपनी का राजस्व अनुमान के अनुरूप रहा। लेकिन परिचालन लाभ बाजार के अनुमान से कम दर्ज किया गया। लागत दबाव से परिचालन मार्जिन पिछली सात तिमाहियों में सबसे कम रहा।
हालांकि उम्मीद है कि मारुति 2025-26 (वित्त वर्ष 2026) में बिक्री के मामले में सेक्टर की तुलना में बेहतर प्रदर्शन करेगी। लेकिन सेक्टर के लिए भी परिदृश्य कुल मिलाकर उत्साहजनक नहीं हैं। चालू वित्त वर्ष 2026 में पीवी उद्योग के लिए बिक्री वृद्धि में सिर्फ 1 प्रतिशत का इजाफा होने की उम्मीद है। सेक्टर के सुस्त परिदृश्य के बावजूद ब्रोकर मारुति सुजूकी पर सकारात्मक हैं और उनका मानना है कि कंपनी नई पेशकशों और स्मॉल कार सेगमेंट में सुधार के दम पर अच्छा प्रदर्शन करेगी।
इस शेयर के लिए अल्पावधि कारक चौथी तिमाही का प्रदर्शन है। बिक्री में 4.7 प्रतिशत की वृद्धि और औसत बिक्री मूल्य में मामूली वृद्धि के कारण कंपनी ने राजस्व में 6.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की। 604,000 वाहनों की कुल बिक्री कंपनी के लिए किसी भी तिमाही में दर्ज की गई अब तक की सर्वाधिक बिक्री थी। इस वृद्धि को यूटिलिटी वाहन खंड से मदद मिली जिसमें 5.2 फीसदी का इजाफा हुआ, जबकि कॉम्पैक्ट सेगमेंट 1.9 फीसदी बढ़ा। यूटिलिटी वाहन सेगमेंट का घरेलू बिक्री में करीब 37 फीसदी योगदान रहा, जबकि कॉम्पैक्ट सेगमेंट का 42 फीसदी।
कंपनी को परिचालन स्तर पर निराशा हाथ लगी। हालांकि सकल मार्जिन 28 फीसदी के साथ काफी हद तक अनुरूप रहा, लेकिन परिचालन मुनाफा मार्जिन 10.5 फीसदी रहा, जो सालाना आधार पर क्रमशः 180 आधार अंक और तिमाही आधार पर 110 आधार अंक कम है। कंपनी ने बताया कि कम मार्जिन की वजह नए प्लांट के लिए शुरुआती लागत,कच्चे माल की बढ़ी हुई कीमतें और प्रचार खर्च में वृद्धि रही। तिमाही आधार पर कम छूट और बेहतर परिचालन दक्षता से इसकी कुछ हद तक भरपाई हुई है।
उत्पाद मिश्रण भी तिमाही आधार पर विपरीत रहा। स्पोर्ट यूटिलिटी वाहनों (एसयूवी) से योगदान 290 आधार अंक घटकर 36.8 फीसदी रह गया जबकि सीएनजी वाहनों की भागीदारी 240 आधार अंक घटकर 33.7 फीसदी रह गई। हैचबैक सेगमेंट का योगदान 370 आधार अंक बढ़कर 42.7 फीसदी रहा जबकि कम मार्जिन वाले मिनी सेगमेंट की भागीदारी 100 आधार अंक बढ़कर 7 फीसदी पर पहुंच गई।
भविष्य में विश्लेषक शुरुआती लागत के प्रभाव के साथ-साथ उत्पादन लागत के रुझानों पर भी नजर रखेंगे। इस्पात कीमतों में बढ़ोतरी की उम्मीद है क्योंकि उत्पादकों ने सुरक्षा शुल्क लागू होने के बाद दरों में बढ़ोतरी शुरू कर दी है। हालांकि, तांबे जैसी अन्य वस्तुओं के लिए कीमतों में बढ़ोतरी और कम लागत से कुछ राहत मिलती है। कंपनी अपनी नई पेशकशों की मदद से उद्योग की तुलना में बेहतर प्रदर्शन कर
सकती है।
मोतीलाल ओसवाल रिसर्च के विश्लेषक अनिकेत म्हात्रे का मानना है कि मारुति वित्त वर्ष 2025 और वित्त वर्ष 2027 के बीच 7.6 फीसदी की सालाना बिक्री वृद्धि दर्ज करेगी क्योंकि उसे नई पेशकशों और मजबूत निर्यात परिदृश्य से मदद मिलेगी। बिक्री में 4.6 फीसदी की पूरे साल की वृद्धि को निर्यात में आई 17.5 फीसदी तेजी से मदद मिली। कंपनी का मानना है कि उसका निर्यात वित्त वर्ष 2026 में 20 फीसदी तक बढ़ेगा। बिक्री में सुधार और वित्त वर्ष 2025-27 के दौरान 10 फीसदी की आय वृद्धि को देखते हुए ब्रोकरेज फर्म ने शेयर पर अपनी ‘खरीदें’ रेटिंग बनाए रखी है। उसे वित्त वर्ष 2026 की आय के 24.3 गुना पर मूल्यांकन आकर्षक लग रहा है।
एमके रिसर्च ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा है कि मारुति सुजूकी की नई पेशकशों का चक्र वित्त वर्ष 2026 में मजबूत होगा, हालांकि पूरे उद्योग में नई पेशकशों की रफ्तार सुस्त बनी हुई है। हाल में पेश की गई ईविटारा इलेक्ट्रिक एसयूवी (जिसे पहले ईवीएक्स कॉन्सेप्ट के नाम से जाना जाता था) के अलावा कंपनी ने दो प्रमुख इंटरनल कम्बश्चन इंजन एसयूवी की भी योजना बनाई है।
First Published – April 27, 2025 | 10:01 PM IST
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