टाटा समूह के एमकैप में टीसीएस की कम हो रही धमक – tcss threat in tata groups mcap

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सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेस (टीसीएस) टाटा समूह की अब भी सबसे अधिक मूल्यवान कंपनी है मगर समूह के कुल बाजार पूंजीकरण में इसका योगदान हाल के वर्षों में कम हो गया है। टाटा समूह की सभी सूचीबद्ध कंपनियों के कुल बाजार पूंजीकरण में टीसीएस की हिस्सेदारी घटकर 44.8 फीसदी रह गई है, जो मार्च 2009 से अब तक के सबसे निचले स्तर है। मार्च 2020 में समूह के बाजार पूंजीकरण में कंपनी की हिस्सेदारी बढ़कर 74.4 फीसदी के सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गई थी।

टीसीएस का बाजार पूंजीकरण 17 अप्रैल 2025 को कारोबार समाप्त होने के बाद 11.94 लाख करोड़ रुपये रह गया जबकि टाटा समूह की कंपनियों का संयुक्त बाजार पूंजीकरण उस दिन 26.61 लाख करोड़ रुपये दर्ज हुआ। पिछले साल मार्च के बाद से टीसीएस के बाजार पूंजीकरण में 15 फीसदी की गिरावट आ चुकी है। इसी अवधि में टाटा समूह के कुल बाजार पूंजीकरण में 13.3 फीसदी की गिरावट आ चुकी है। इस तरह टीसीएस के शेयर का भाव पूरे समूह की तुलना में लगातार पांचवें साल कमतर प्रदर्शन करेगा।

कंपनी 2004 में सूचीबद्ध हुई थी और तब से इतने लंबे समय तक इसके शेयर के भाव निचले स्तरों पर नहीं रहे थे। मार्च 2024 के अंत तक टाटा समूह की कंपनियों का संयुक्त बाजार पूंजीकरण 30.7 लाख करोड़ रुपये था जबकि इसकी तुलना में टीसीएस का आंकड़ा 14.05 लाख करोड़ रुपये का था। तुलना करें तो टीसीएस 25 अगस्त, 2004 को 47,232 करोड़ रुपये बाजार पूंजीकरण के साथ सूचीबद्ध हुई थी और सूचीबद्ध होने के दिन टाटा समूह के कुल बाजार पूंजीकरण में इसकी हिस्सेदारी 49 फीसदी थी।

बाजार पूंजीकरण के अलावा समूह के कुल मुनाफे में भी टीसीएस की हिस्सेदारी कम हो गई है। वित्त वर्ष 2025 में समूह की 23 सूचीबद्ध कंपनियों के संयुक्त शुद्ध मुनाफे में टीसीएस का योगदान लगभग 55 फीसदी रहने का अनुमान है। यह आंकड़ा वित्त वर्ष 2023 में 64 फीसदी रहा था। हालांकि, वित्त वर्ष 2025 में समूह के आय में इसका योगदान वित्त वर्ष 2024 में इसके एक दशक में सबसे कम योगदान 47.1 फीसदी की तुलना में अधिक रहने वाला है। यह विश्लेषण वित्त वर्ष 2025 में टीसीएस के दर्ज शुद्ध मुनाफे एवं वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही के लिए टाटा समूह की अन्य कंपनियों को लेकर ब्लूमबर्ग के अनुमान एवं वित्त वर्ष 2025 के 9 महीनों के दर्ज आंकड़ों पर आधारित है।

वित्त वर्ष 2025 में टीसीएस का शुद्ध मुनाफा 48,519.8 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले चार वर्षों में 4.1 फीसदी सालाना वृद्धि के साथ सबसे कम रफ्तार से बढ़ा है। कंपनी की शुद्ध बिक्री वित्त वर्ष 2025 में सालाना आधार पर 6 फीसदी बढ़कर 2.55 लाख करोड़ रुपये रही। पिछले चार वर्षों में बिक्री में यह सबसे कम बढ़ोतरी रही। इसकी तुलना में टाटा समूह की सूचीबद्ध कंपनियों का संयुक्त शुद्ध मुनाफा वित्त वर्ष 2025 में 89,000 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो सालाना आधार पर 10 फीसदी तक कम रह सकता है। विश्लेषकों के अनुसार टीसीएस की कमाई कमजोर होने से टाटा संस की वित्तीय स्थिति पर असर होगा।


First Published – April 20, 2025 | 10:34 PM IST



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