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देश की प्रमुख आईटी कंपनी इन्फोसिस ने वित्त वर्ष 2026 के लिए पिछले एक दशक में सबसे कम आय वृद्धि का अनुमान लगाया है। महामारी के साल में उसने आय अनुमान जारी नहीं किया था। इन्फोसिस के कमजोर अनुमान से अमेरिकी शुल्क के मद्देनजर दुनिया भर में कारोबार को लेकर भारी अनिश्चितता का संकेत मिलता है। इन्फोसिस ने कहा कि चालू वित्त वर्ष के दौरान खराब हालात में उसकी आय सपाट रह सकती है जबकि सबसे अच्छी स्थिति में आय 3 फीसदी बढ़ने का अनुमान है।
इन्फोसिस के मुख्य कार्याधिकारी सलिल पारेख ने आज कहा, ‘माहौल अनिश्चित है और ग्राहक पहले से ही खर्च करने में दबाव महसूस कर रहे हैं।’ उन्होंने कहा, ‘हालांकि हमने किसी भी परियोजना में कटौती या उसे रद्द होते नहीं देखा है मगर आगे के परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए हमने यह अनुमान लगाया है।’
इन्फोसिस उन आईटी सेवा कंपनियों की सूची में शामिल हो गई है जिन्होंने आईटी खर्च में कटौती को लेकर आगाह किया है। इससे पहले एक्सेंचर ने अमेरिकी संघीय अनुबंधों के रद्द होने की चेतावनी दी थी, वहीं टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) और विप्रो ने चुनौतीपूर्ण व्यावसायिक परिदृश्य की बात कही थी। वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में इन्फोसिस का शुद्ध मुनाफा 11.7 फीसदी घटकर 7,033 करोड़ रुपये रहा। इस दौरान कंपनी की आय 7.9 फीसदी बढ़कर 40,925 करोड़ रुपये रही। ब्लूमबर्ग के अनुसार कंपनी का मुनाफा अनुमान से बेहतर रहा मगर आय बाजार की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी। पूरे वित्त वर्ष 2025 में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 1.8 फीसदी और आय 6.1 फीसदी बढ़ी है।
हालांकि डॉलर और स्थिर मुद्रा के आधार पर पूरे वर्ष के लिए इन्फोसिस के नतीजे टीसीएस और विप्रो से थोड़े बेहतर हैं। डॉलर में इन्फोसिस की आय 3.9 फीसदी बढ़ी जबकि टीसीएस की आय में 3.8 फीसदी का इजाफा हुआ। विप्रो की आय लगातार दूसरे साल ऋणात्मक रही।
विप्रो की तरह ही इन्फोसिस भी इस साल आय बढ़ाने के लिए बड़े सौदों पर भरोसा कर रही है। वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में इन्फोसिस के बड़े सौदों का कुल अनुबंध मूल्य 2.6 अरब डॉलर रहा। जब पारेख से यह पूछा गया कि क्या अब चुनौतियों को देखते हुए बड़े सौदों के पूरा होने में वक्त लगेगा? तो उन्होंने कहा कि ग्राहक अक्सर बड़े खर्च वाले सौदों को प्राथमिकता देते हैं और वे जल्दी तय होते हैं।
वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में इन्फोसिस का परिचालन
मार्जिन 0.9 फीसदी बढ़कर 21 फीसदी रहा। इस बीच इन्फोसिस ने दो कंपनियों के अधिग्रहण की भी घोषणा की। कंपनी ने अमेरिका की एमआरई कंसल्टिंग को 3.6 करोड़ डॉलर और ऑस्ट्रेलिया मुख्यालय वाली साइबर सुरक्षा फर्म मिसिंग लिंक को 9.8 करोड़ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में खरीदने की घोषणा की।
First Published – April 17, 2025 | 10:02 PM IST
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